बिसौली। इस दौरान पांच मोहर्रम के अवसर पर शबीह ताबूत निकाले गए, जिन्हें अजादारों ने चूम कर दुआएं मांगी और इमाम हुसैन की कुर्बानी को श्रद्धांजलि दी।
रविवार को आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना फिरोज अब्बास साहब ने हजरत इमाम हुसैन के बेटे अली अकबर की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने पिता और पुत्र के प्रेम तथा बलिदान की कहानी सुनाई, जिससे मजलिस में बैठे अज़ादार भावुक हो उठे। मजलिस में मुस्तफा हैदर, तनज़ीम हैदर, अकील अब्बास, साजिद अब्बास, आलिम अली, सलीम अली, शाहिद रज़ा, सय्यद रज़ा, अफरोज अब्बास, गुलरैज़ अब्बास, महमूद अली, इज्ज़त अली, मो. वसीम, मो. सलीम, ज़िया अब्बास, फैसल अली, तैयब अली, औन अब्बास, माजिद अली, शब्बर खान, अता हुसैन, दिलशाद हुसैन, शहबाज हुसैन, इमरान अली, मुन्तजिर, तनवीर इकबाल, जमाल इकबाल, हैदर रज़ा, हसन इकबाल, हुसैन इकबाल, शावेज़ अब्बास, मो. ज़की, कमर अब्बास, अज़हर अब्बास, इमरान रिज़वी आदि मौजूद रहे।





