पांच अन्य केंद्रों को नोटिस, सदर और बिसौली क्षेत्र में छापेमारी, मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी
बदायूं। बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम ने सदर और बिसौली क्षेत्र में छापेमारी कर छह चिकित्सा प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। वहीं, नियमों के उल्लंघन के मामले में पांच अन्य केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की कार्रवाई से अवैध चिकित्सा केंद्रों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी विकास शर्मा के निर्देश पर गठित जांच टीम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रीमोहन झा तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी पवन कुमार जायसी और नवनीत कुमार शामिल रहे। टीम ने सदर क्षेत्र के अलावा बिसौली तहसील के सैदपुर, वजीरगंज और बिसौली में विभिन्न चिकित्सा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर संबंधित केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
छह चिकित्सा प्रतिष्ठान सील
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नवादा स्थित सायरा हॉस्पिटल, सैदपुर स्थित सिया आरोग्यम हेल्थकेयर सेंटर, बिसौली स्थित राम डिजिटल एक्स-रे, सिद्धि विनायक डिजिटल एक्स-रे और मेडिकेयर अस्पताल तथा वजीरगंज स्थित शर्मा जी डेंटल क्लीनिक को सील कर दिया। इसके अलावा पांच अन्य चिकित्सा केंद्रों को नियमों के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों में भी हलचल बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण अभियान के दौरान अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मानकों की अनदेखी पर होगी वैधानिक कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जनपद में बिना आवश्यक पंजीकरण और निर्धारित मानकों के विपरीत चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे केंद्रों के खिलाफ सीलिंग सहित प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों में संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। अनियमितताओं की पुष्टि होने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।















