बिल्सी। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार दोपहर डिलीवरी के दौरान एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर रुपये न देने पर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के गांव दिधौनी निवासी हरपाल पुत्र रामधुन की पत्नी कुसुम (39) को बुधवार की सुबह साढे आठ बजे प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। महिला का यह छठा बच्चा था। आरोप है कि डिलीवरी के नाम पर तीन हजार रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर उचित इलाज नहीं किया गया। इसी दौरान मृत बच्चा पैदा हुआ और कुछ ही देर में प्रसूता की भी हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाल मनोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई करते हुए पीएम को भेज दिया और मामले की जांच शुरु कर दी। इधर, सीएचसी के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दिधौनी निवासी महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल आई थी। प्रसव के दौरान मृत बच्चा पैदा हुआ। महिला में खून की कमी थी, इसलिए उसे उच्च केंद्र रेफर करने को कहा गया था, लेकिन परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। बाद में महिला को मृत अवस्था में सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां पर परिवार के लोग हंगामा करने लगे। उन्होनें बताया कि प्रसव के दौरान यदि किसी तरह की स्टाफ द्वारा लापरवाही की गई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं कोतवाल मनोज कुमार ने मृतका का पंचनामा भर शव पीएम को भेज दिया है। साथ ही पुलिस भी इसकी जांच में जुट गई है।





