गंगा एक्सप्रेस-वे के डहरपुर इंटरचेंज पर औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज हो गया है। डोलापुर गांव में किसानों ने ग्राम चौपाल लगाकर अपनी जमीनें देने से इनकार कर दिया। किसानों ने ऐलान किया कि वे जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।
यह चौपाल रविवार को डोलापुर गांव में आयोजित की गई थी। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी जमीनें छीनकर पूंजीपतियों को देना चाहती है। प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ पांच गांवों के किसानों ने आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है।
किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीनों का बैनामा नहीं करेंगे। उनका तर्क है कि चार फसली कृषि भूमि का अधिग्रहण होने से वे बर्बाद हो जाएंगे। यदि सरकार जबरन भूमि अधिग्रहण का प्रयास करेगी, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण नहीं होने देगी। उन्होंने किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहने का आश्वासन दिया और कहा कि भूमि अधिग्रहण का विरोध जायज है।
भूमि अधिग्रहण रोकने के लिए गठित ‘भूमि बचाओ संघर्ष समिति’ ने आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है।




