भगवान दास की खास रिपोर्ट
बदायूं। विकास खण्ड कादरचौक के परिसर में बुधवार को ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता में “महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन” विषय पर एक विशाल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
साइबर अपराधों से बचाव और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी
थाना कादरचौक की बाल कल्याण अधिकारी ने महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके साथ ही महिलाओं व बच्चों की आपातकालीन सुरक्षा के लिए संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे 112, 1090, 181, 102, 108 और 1098 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
महिला कल्याण विभाग की योजनाओं का उठाएं लाभ: छवि वैश्य
जिला मिशन समन्वयक छवि वैश्य ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाएं व बालिकाएं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पति की मृत्यु पर पुनर्विवाह दंपति पुरस्कार, दहेज पीड़ितों को कानूनी सहायता, दहेज के कारण परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता, निराश्रित महिला की पुत्री की शादी हेतु अनुदान, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष तथा स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ उठा सकती हैं।
बाल श्रम के खिलाफ चलेगा रैस्क्यू अभियान
शिविर में बाल श्रम के गंभीर मुद्दे पर भी गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर, मस्जिद, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ढाबों और दुकानों में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। ऐसे बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराने के लिए ‘ग्राम बाल संरक्षण समिति’ के माध्यम से लगातार रैस्क्यू और पुनर्वासन अभियान चलाया जा रहा है।
ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार के निर्देशखण्ड विकास अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठी महिला तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ‘ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति’ की बैठक आयोजित की जाए। बैठक के माध्यम से कन्या सुमंगला, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप व निराश्रित महिला पेंशन का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार किया जाए। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने भी विभाग की अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं और बच्चों ने सरकारी योजनाओं व सुरक्षा को लेकर अधिकारियों से कई सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही संतोषजनक समाधान किया गया।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक छवि वैश्य, जेएस एचईडब्ल्यू प्रीती चौहान, सहायक पंचायत अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक, समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तथा ग्राम पंचायत सचिव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




