एआरएम का कड़ा रुख, चेकिंग के दौरान पकड़ी गई थी भारी अनियमितता-
बदायूं, परौर-दिल्ली और बरेली-आगरा रूट की बसों पर गिरी गाज
बदायूं, परौर-दिल्ली और बरेली-आगरा रूट की बसों पर गिरी गाज
भगवान दास की खास रिपोर्ट
बदायूं। बदायूं डिपो के रोडवेज विभाग में भ्रष्टाचार और राजस्व को चूना लगाने वालों के खिलाफ सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश पाठक ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बसों की औचक चेकिंग के दौरान अलग-अलग रूट की तीन बसों में भारी संख्या में बिना टिकट सवारियां मिलने पर एआरएम ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप में तीन चालकों और तीन परिचालकों की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
57 में से सिर्फ 22 सवारियों का बनाया टिकट
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि पहली बड़ी अनियमितता बदायूं डिपो की हिमाचल के बद्दी जाने वाली बस में पकड़ी गई। जब यह बस लौटते समय कीरतपुर के पास पहुंची, तो परिवहन विभाग की टीम ने इसकी चेकिंग की। जांच में सामने आया कि बस में 57.5 सवारियां मौजूद थीं, लेकिन परिचालक ने चालाकी दिखाते हुए मात्र 22 यात्रियों का ही टिकट काटा था। इस प्रकार 37.5 सवारियां बिना टिकट सफर कर रही थीं। इस गंभीर धोखाधड़ी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए परिचालक प्रबल प्रताप सिंह और चालक दिनेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई।
कलान के पास धरे गए चालक-परिचालक की सेवा समाप्त
दूसरी कार्रवाई परौर से दिल्ली जाने वाली बस के खिलाफ की गई। कलान क्षेत्र के बाराकला के पास जब रोडवेज टीम ने इस बस को रोककर चेक किया, तो बस में सवार 20 यात्रियों में से 11 यात्री बिना टिकट पाए गए। यात्रियों से किराया ले लिया गया था लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया था। इस मामले में भी एआरएम ने सख्त रुख अपनाते हुए परिचालक पूनम राजपूत और चालक उमेश की संविदा समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए।
बरेली-आगरा रूट पर चालक परिचालक भ्रष्टाचार में पकड़े गए
तीसरा मामला बरेली से आगरा जाने वाली बस का है। बिनावर के पास इस बस की चेकिंग की गई तो इसमें 6 सवारियां बिना टिकट यात्रा करती हुई पकड़ी गईं। इस लापरवाही और राजस्व चोरी के मामले में परिचालक कुमारी रेनू और चालक अखिलेश यादव को दोषी पाते हुए उनकी संविदा भी तुरंत खत्म कर दी गई है।
राजस्व हानि किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: एआरएम
इस बड़ी कार्रवाई के बाद एआरएम राजेश पाठक ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि रोडवेज में भ्रष्टाचार और राजस्व की हानि किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “यात्रियों से किराया लेकर उन्हें नियमानुसार टिकट देना चालक और परिचालक की मुख्य जिम्मेदारी है। यदि कोई भी कर्मचारी इसमें ढिलाई या हेराफेरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ इससे भी ज्यादा कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिपो का चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।















