उघैती। श्री कालसेन बाबा इंटर कॉलेज रियोनाई में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विद्यार्थियों के सेकंड टर्म के परीक्षा परिणाम एवं अंक अभिभावकों को दिखाए गए। शिक्षकों ने अभिभावकों से विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन महेंद्र सक्सेना ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि “परीक्षा में प्राप्त अंक केवल सफलता का एक पड़ाव हैं। विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए। अभिभावक भी बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए उनकी प्रतिभा को निखारने में सहयोग करें।”
कॉलेज के डायरेक्टर शेखर सक्सेना ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। विद्यालय और अभिभावक मिलकर बच्चों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान कर सकते हैं।”
वहीं एमडी आशीष सक्सेना ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “हर विद्यार्थी में अपनी अलग प्रतिभा होती है। आवश्यकता है उसे पहचानने और सही दिशा देने की। विद्यार्थी नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत को अपनी सफलता का आधार बनाएं तथा हर परीक्षा से सीख लेकर स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करें।”
विद्यालय परिसर में आयोजित संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों में बच्चों की प्रगति को लेकर उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थी की सफलता में विद्यालय और अभिभावकों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण होती है। नियमित संवाद एवं सहयोग से बच्चों की शैक्षणिक क्षमता को और निखारा जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियां अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रभावी माध्यम हैं।
इस अवसर पर प्राचार्या शिल्पी सक्सेना, उप प्रधानाचार्य ओमकृष्ण शर्मा, एडमिनिस्ट्रेटर जे. पी. सिंह, जूनियर कोऑर्डिनेटर दिनेश माथुर, प्राइमरी कोऑर्डिनेटर मानवेंद्र सिंह एवं उमेश, प्री-प्राइमरी कोऑर्डिनेटर कमलेश, अनम सैफी, नेहा चौहान, पूजा पाल, अंशिका, अंजली, सपना,सदब ,अर्चना, सहित समस्त शिक्षक एवं स्टाफ मौजूद रहा।
संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति की समीक्षा के साथ विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संयुक्त प्रयास करना रहा।
















