आशा संगीनियों का सीएमओ दफ्तर पर धरना प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने तक करेगी आंदोलन

काली पट्टी बांधकर इमरजेंसी सेवाएं संभालेंगी कार्यकर्ता, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

बदायूं। शहरी ग्रामीण क्षेत्र की आशा संगिनियों ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष विमलेश कुमारी, जिला अध्यक्ष सुधा रानी और शहरी आशा संगठन की जिला अध्यक्ष किशनवती के नेतृत्व में आंदोलन कर रहीं आशा संगिनियां
ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उनकी उचित मांगें नहीं मान लेती, तब तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
सैकड़ों की संख्या में जुटी आशा संगिनियां कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर हुंकार भरी। हालांकि, सीएमओ डॉ विकास शर्मा ने उनसे सकारात्मक वार्ता करते हुए कहा आपको अच्छा लाभ मिलने वाला हैं आशा संगिनियां ने जनहित और मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए संगठनों ने एक बड़ा फैसला लिया है। पदाधिकारियों ने बताया कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था को ठप नहीं होने देंगी और आपातकालीन सेवाएं जारी रखेंगी, लेकिन विरोध दर्ज कराने के लिए सभी कार्यकर्ता हाथों पर काली पट्टी बांधकर काम करेंगी।
आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए या फिर उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले।
मानदेय भुगतान में की जा रही मनमानी कटौती को तुरंत बंद किया जाए। सेवाकाल के दौरान किसी कार्यकर्ता की मृत्यु होने पर परिवार के आश्रित को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
धरना स्थल पर मौजूद आशा संगिनियां ने कहा कि कोरोना काल से लेकर हर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम को सफल बनाने में आशा बहुओं का सबसे बड़ा योगदान रहा है, लेकिन लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है। वह अपने हक लिए आंदोलन करेंगी। धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों की आशा संगिनियां कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

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