बिल्सी। नगर के बदायूं रोड स्थित भाजपा नेत्री ममता शाक्य के आवास पर रविवार को समाज सुधारक एवं प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया तथा उनके जीवन और संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। ममता शाक्य ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में महिलाओं को पढ़ने का अधिकार तक नहीं था। उन्होंने तमाम सामाजिक बाधाओं और विरोध के बावजूद बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षित करने का कार्य किया। सावित्रीबाई फुले का जीवन साहस, संघर्ष और समाज सुधार का प्रेरणास्रोत है। डा.मुकेश चंद्र मौर्य ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर न केवल कन्या शिक्षा को बढ़ावा दिया, बल्कि छुआछूत, जातिगत भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई। उनका संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय और समानता के लिए समर्पित रहा। अंत में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और शिक्षा व सामाजिक समानता के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। इस मौके पर सत्यप्रकाश शाक्य, चेतराम मौर्य, राकेश कुमार, राजाराम शाक्य, ओमवीर शाक्य, गोपाल शाक्य, शिवशंकर सिंह, भगवानदास, रामसेवक आदि मौजूद रहे





