आई एम खान की खास रिपोर्ट
बिसौली। नगर की नफीस मस्जिद में रमजान के पाक महीने में तरावीह की नमाज के दौरान कुरआन पाक मुकम्मल हुआ। जिसमें देश में अमन चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गई।
नफीस मस्जिद में पच्चीसवें रमजान को हाफिज मजहर खान ने कुरआन पाक मुकम्मल कराया। मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा के प्रिंसिपल मौलाना इफ्तेखार हुसैन अशरफी ने कहा कि कुरआन एक ऐसी आसमानी किताब है, जो इंसान को सच्चाई, इंसाफ और नेक रास्ते पर चलने की रहा दिखती है। यह पूरी दुनिया को मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देती है। कादरी मस्जिद के इमाम कारी अफलाक रज़ा उबैसी ने रमजान को इबादत, सब्र और रहमत का महीना बताया। उन्होंने लोगों से इस पाक महीने में अधिक से अधिक इबादत करने, कुरान की तिलावत के साथ जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। रज़ा मस्जिद के इमाम हाफिज शरीफ रजा जामी ने मुसलमान से अपील की कि वह रमजान के आखिरी अशरे में अधिक से अधिक इबादत करें, दुआ मांगे और अपने गुनाहों की माफी तलब करें। इस अवसर पर हाफिज अली अशरफी, हाफिज कमरुज्जमा, हाफिज जीशान, हाफिज मोहसिन, मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा के सदर इरशाद खां, रिजवान रजा, डॉ अरशद, भूरे कुरैशी, शाहिद मलिक, मुस्तकीम कुरैशी, रियासत खां, सलीम मंसूरी, अमन खां आदि मौजूद रहे।





