राजस्व टीम ने गाटा संख्या 2115 पर दिलाया था विधिक स्वामित्व
पीड़ितों का आरोप: लालपुल चौकी प्रभारी ने तहरीर लेने से किया इनकार, कोतवाली प्रभारी बोले- शिकायती पत्र मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
भगवान दास की खास रिपोर्ट
बदायूं। सदर कोतवाली क्षेत्र के मीरा सराय रोड पर करीब 700 गज के एक बेस कीमती प्लॉट को लेकर चल रहा विवाद देर रात हिंसक हो उठा। एसडीएम सदर द्वारा जांच के बाद वैध स्वामित्व तय कर विधिक कब्जा दिलाए जाने के बावजूद कथित दबंगों ने प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखा दिया। देर रात लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे हमलावरों ने प्लॉट की नवनिर्मित चारदीवारी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने एक महिला समेत दो लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीट दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जुटे, तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायलों ने जिला अस्पताल में उपचार कराया।
तहसील प्रशासन ने 28 जुलाई को दिलाया था कब्जा
सूत्रों के अनुसार, मीरा सराय रोड स्थित इस प्लॉट पर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। एक पक्ष इस पर अपना पुराना दावा ठोक रहा था, जबकि दूसरे पक्ष के क्रेता मदीना, नवाजिश और जीशान का साफ कहना है कि उन्होंने पूरी छानबीन और कागजों की वैध जांच के बाद यह जमीन खरीदी है। विवाद बढ़ने पर मामला तहसील सदर पहुंचा। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम ने मौके पर जाकर गहनता से जांच की, जिसमें मदीना, नवाजिश और जीशान को ही जमीन का वैध स्वामी पाया गया। इसके बाद, बीते 28 जुलाई को तहसील प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में गाटा संख्या 2115 पर तीनों को विधिक कब्जा दिला दिया था।
कब्जा मिलने से बौखलाए दबंगों ने रात में बोला धावा
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रशासन द्वारा कब्जा दिलाए जाने से दूसरे पक्ष के दबंग पूरी तरह बौखला गए थे। देर रात वे लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर प्लॉट पर पहुंचे और जबरन कब्जा करने की नियत से नव-निर्मित बाउंड्रीवॉल को पूरी तरह ढहा दिया। जब मौके पर मौजूद मदीना और उसके भाई ‘छोटा’ ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में भाई-बहन दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया। क्षेत्र में चर्चा है कि हमलावर रसूखदार हैं और उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत है।
पुलिस पर लगा सुनवाई न करने का गंभीर आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद घायल पीड़ित न्याय की गुहार लेकर लालपुल पुलिस चौकी पहुंचा चौकी प्रभारी ने उनकी आपबीती सुनने के बजाय तहरीर लेने से ही साफ इनकार कर दिया। प्रशासनिक आदेश के बावजूद सरेआम हुई इस गुंडागर्दी और पुलिस की कथित निष्क्रियता को लेकर पीड़ित परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ितों ने अब जिले के उच्चाधिकारियों से जान-माल की सुरक्षा और दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली ने बताया इस तरह का कोई शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। अगर पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायती पत्र मिलता है, तो मामले की तत्काल जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















