संपूर्ण समाधान दिवस का किया पूर्ण बहिष्कार, तहसील में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
बदायूं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर लेखपाल संवर्ग ने अपनी 8 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत शनिवार को जिले की विभिन्न तहसीलों में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का पूर्ण बहिष्कार किया। इस दौरान तहसील परिसरों में जोरदार प्रदर्शन करते हुए लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
भारी मानसिक तनाव और आक्रोश में हैं लेखपाल
लेखपाल संघ का आरोप है कि शासन स्तर और राजस्व परिषद द्वारा लंबे समय से उनकी न्यायोचित मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की सभी जमीनी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने वाले लेखपाल संसाधनों की कमी, अत्यधिक कार्यबोझ और दशकों पुरानी वेतन विसंगतियों से जूझ रहे हैं। इसके कारण पूरा संवर्ग भारी मानसिक तनाव और आक्रोश में है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द शासनादेश जारी नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
8 अक्टूबर से आम जनता की बढ़ेंगी मुश्किलें
आंदोलन के दूसरे चरण में आगामी 8 अक्टूबर से आम नागरिकों और छात्रों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। लेखपाल संघ के अनुसार, 8 अक्टूबर से सभी लेखपाल अपने-अपने तहसील प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देंगे। इसके साथ ही आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र का सत्यापन, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन और पीएम किसान योजना से जुड़े सभी ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। डिजिटल कार्यों के ठप होने से आम जनता के प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
















