ग्राम समाज की दो बीघा जमीन से अवैध कब्जा हटाने के डीएम ने दिए निर्देश
बदायूं। ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी अवनीश राय ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कर ग्राम समाज की दो बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
शनिवार को तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनता की शिकायतें सुनीं।
कूड़ा डालकर किया था अवैध कब्जा
समाधान दिवस के दौरान ब्लॉक कादरचौक के ग्राम ललुआ नगला निवासी अमर सिंह पुत्र सालिगराम ने एक शिकायती पत्र सौंपा। पीड़ित ने बताया कि गांव में ग्राम समाज की दो बीघा जमीन पर चन्द्रपाल, सीलेन्द्र, हुकुम सिंह, निहाल तथा भूरे कूड़ा-करकट डालकर अवैध कब्जा किए हुए हैं। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं, तो आरोपी दबंगई दिखाते हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तहसील और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने तथा अवैध कब्जा हटवाने के कड़े निर्देश दिए।
विभागवार प्राप्त शिकायतों का विवरण
शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से कुल 44 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। किस विभाग की कितनी शिकायत प्राप्त हुई राजस्व विभाग 31विद्युत विभाग 4 पुलिस विभाग 3 अन्य विभाग 2 ब्लॉक विकास विभाग 1 सीडीपीओ 1समाज कल्याण विभाग 1नगर पालिका शिकायतें मिली।
औपचारिकता नहीं, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें अधिकारी: डीएम
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने दोहरे रुख में कहा कि शिकायत के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि का विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर से भी निस्तारण की गुणवत्ता को लेकर सीधे फीडबैक लिया जाता है, इसलिए अधिकारी प्रत्येक मामले में गंभीरता बरतें और केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायत का उचित समाधान सुनिश्चित करें। शेष 40 प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समयसीमा में निस्तारित करने को कहा गया है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर श्रीसाईं आश्रित शाखमुरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
















