अकबरपुर रोड पर दुकानों के निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा, 33 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से गई जान; पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
उसावां । अकबरपुर रोड पर बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय युवक की जान चली गई। वार्ड नंबर तीन निवासी प्रमोद सागर पुत्र परमेश्वरी कस्बे नारायण गुप्ता की दुकानों पर चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे थे। इसी दौरान वह 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई, वहीं इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमोद सागर की दुकान पर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे थे, तभी अचानक हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया। करंट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि इस घटना के पीछे नारायण गुप्ता की भूमिका है और उन्होंने जानबूझकर प्रमोद सागर की जान ली। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हादसा या लापरवाही, जांच से सामने आएगी सच्चाई
घटना ने निर्माण कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और हाईटेंशन विद्युत लाइन के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किन परिस्थितियों में प्रमोद सागर 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आए? क्या निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए थे, या फिर कहीं कोई लापरवाही हुई? इन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
प्रमोद सागर की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों की निगाहें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जाती है या नहीं।
फिलहाल, मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है। निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी की लापरवाही अथवा अन्य भूमिका जिम्मेदार थी।
















