बदायूं। उत्तर प्रदेश आशा संगिनी वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष सुधा रानी के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की।
यूनियन ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने, टीकाकरण, बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर लागू कराने में उनका अहम योगदान रहता है। इसके बावजूद उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने संविदा व्यवस्था समाप्त कर आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई। इसके साथ ही न्यूनतम 21 हजार से बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने, विजिट भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये करने, कार्य के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और मोबाइल रिचार्ज भत्ता देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने 10 लाख रुपये का दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी, जिससे बीमारी या किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
आशा संगिनियों के धरने पर बैठने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप
आशा संगिनियों के धरने पर जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप
हो चुकी है। इन दिनों देहात क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और अन्य बुखार चल रहा है जबकि आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता प्रभावित होने से प्रसूताओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने, जांच कराने और समय पर उपचार संबंधी सुविधाएं प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ ही आशा कार्यकर्ताओं की मांगों का समाधान करना भी जरूरी है।
सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपते समय कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए शासन स्तर पर सकारात्मक निर्णय कराने की अपील की। विधायक ने मांग-पत्र को आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजने का आश्वासन दिया।
यूनियन की जिलाध्यक्ष सुधा रानी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता और संगिनियां स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को सफल बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। ऐसे में उनके मानदेय में वृद्धि, नियमित कर्मचारी का दर्जा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यूनियन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी।
















